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Rigveda ऋग्वेद

₹599

Rigveda is one of the Four vedas that is Rigveda, Samveda, Atarvaved and Yajurveda. This book contains Easy Hindi Translation and Description of Rigveda वेद अनंत है वेदों के ज्ञान का न आदि है और न अंत-वेदों के संपूर्ण ज्ञान को ऋषि वेदव्यास द्वारा प्रकारों में विभाजित किया गया था। महर्षि वेदव्यास जी द्वारा वेद को लिपिबद्ध किया गया है। वेदों को ऋषियों ने सुना और उन्हें “श्रुति” कहा गया, ऋषियों ने मानव जाति एवं संपूर्ण संसार के लाभ व कल्याण के लिए इस ज्ञान को साझा किया और अपने शिष्यों को वेदों का ज्ञान सुनाने लगे। पिछले दस हजार वर्षों से अधिक समय में वेदों को मनुष्यों द्वारा सरल भाषा का उपयोग करके लिखा गया है। ऋग्वेद (चतुर्थ) चार वेदों में से चतुर्थवेद ऋग्वेद है। “ऋग्वेद” को ज्ञान कांड, अमृतवेद और आत्मवेद भी कहा जाता है। इसमें आत्म-परमात्मज्ञान के साथ-साथ जीवनोपयोगी ज्ञान का भी भंडार भरा है। ऋग्वेद का ज्ञान सार-रूप में सरल हिन्दी भाषा में जन-जन के लिए प्रस्तुत है। ऋग्वेद का सरल व महत्वपूर्ण-प्रामाणिक हिन्दी व्याख्या एवं रूपान्तर|

Product details

  • ASIN ‏ : ‎ B0DFX7231C

  • Publisher ‏ : ‎ Pustak Sansaar

  • Publication date ‏ : ‎ 31 July 2024

  • Language ‏ : ‎ Hindi

  • Print length ‏ : ‎ 412 pages

  • Reading age ‏ : ‎ 15 years and up

  • Item Weight ‏ : ‎ 499 g

  • Dimensions ‏ : ‎ 75 x 74.97 x 45 cm

  • Net Quantity ‏ : ‎ 1.0 Piece

  • Packer ‏ : ‎ Pustak Sansaar

  • Generic Name ‏ : ‎ Hinduism

  • Best Sellers Rank: #5,141 in Hinduism (Books)

  • Customer Reviews: 5.0

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