Premchand Ki Pratibandhi Kahaniyan
A powerful collection of Premchand’s socially bold and thought-provoking stories.
Product details
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Publisher : Pustak Sansaar
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Language : Hindi
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Author : Munshi Premchand
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Print length : 270 pages
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Reading age : 18 years and up
महान हिन्दी साहित्यकार उन कहानियों का संग्रह है जो अपने समय में सामाजिक यथार्थ, कड़वे सत्य और व्यवस्था पर तीखे प्रहार के कारण चर्चित रहीं। इन कहानियों में गरीबी, शोषण, जाति-भेद, असमानता और मानव जीवन की कठिनाइयों का सजीव चित्रण मिलता है। प्रेमचन्द की लेखनी समाज की सच्चाई को बिना किसी आडंबर के प्रस्तुत करती है, जो पाठकों को गहराई से सोचने और सामाजिक सुधार की प्रेरणा देती है।









