Shri Gorakhnath Shabar Mantra Tantra Yantra 651x1024

Shri Gorakhnath Shabar Mantra Tantra Yantra

A classic guide to Shabar Mantra, Tantra, and Yantra.

                Product details

  • Publisher ‏ : ‎ Pustak Sansaar

  • Language  :  Hindi & Sanskrit

  • Author   :    Siddh Tantrik

  • Print length  :  320 pages

  •  Reading age  : 18 years and up

यह एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक एवं तांत्रिक ग्रंथ है, जिसमें गुरु गोरखनाथ की शाबर मंत्र परंपरा, तंत्र, यंत्र तथा साधना से संबंधित पारंपरिक ज्ञान का विस्तृत परिचय प्रस्तुत किया गया है। यह पुस्तक नाथ संप्रदाय की आध्यात्मिक परंपराओं, मंत्रों के महत्व, तांत्रिक सिद्धांतों तथा यंत्रों के पारंपरिक उपयोग पर प्रकाश डालती है। सरल एवं प्रभावशाली भाषा में लिखी गई यह कृति आध्यात्मिक अध्ययन, भारतीय तांत्रिक परंपराओं और गुरु गोरखनाथ की शिक्षाओं में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए एक उपयोगी एवं संग्रहणीय ग्रंथ है।

Shri Gorakh Samhita 663x1024

Shri Gorakh Samhita

An inspiring guide to the Nath tradition and yogic wisdom.

                Product details

  • Publisher ‏ : ‎ Pustak Sansaar

  • Language  :  Hindi & Sanskrit

  • Author   :    Mahant Premnath

  • Print length  :  880 pages

  • Reading age  : 18 years and up

एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक एवं धार्मिक ग्रंथ है, जिसमें गुरु गोरख के दिव्य उपदेशों, योग साधना, नाथ संप्रदाय की परंपरा तथा भारतीय आध्यात्मिक दर्शन का सारगर्भित वर्णन किया गया है। यह पुस्तक योग, आत्मज्ञान, भक्ति, वैराग्य और गुरु-शिष्य परंपरा के सिद्धांतों को सरल एवं प्रभावशाली भाषा में प्रस्तुत करती है। गुरु गोरख की शिक्षाओं और नाथ परंपरा के आध्यात्मिक मूल्यों को समझने के इच्छुक पाठकों, योग साधकों, शोधकर्ताओं तथा भारतीय संस्कृति में रुचि रखने वाले सभी पाठकों के लिए यह एक प्रेरणादायक एवं संग्रहणीय ग्रंथ है।

Shri Gorakhnath Mahapuran 654x1024

Shri Gorakhnath Mahapuran

A classic guide to Guru Gorakhnath’s spiritual wisdom.

                 Product details

  • Publisher ‏ : ‎ Pustak Sansaar

  • Language  :  Hindi 

  • Author  :    Siddhanath Sevak

  • Print length  :  690 pages

  •  Reading age :   18 years and up

एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक एवं धार्मिक ग्रंथ है, जिसमें योगीराज गुरु गोरखनाथ के जीवन, उपदेशों, योग दर्शन तथा नाथ संप्रदाय की गौरवशाली परंपरा का विस्तृत वर्णन किया गया है। यह पुस्तक भारतीय आध्यात्मिक विरासत, गुरु-शिष्य परंपरा, योग साधना, भक्ति, वैराग्य और आत्मज्ञान के सिद्धांतों को सरल एवं प्रभावशाली भाषा में प्रस्तुत करती है। इसमें गुरु गोरखनाथ की शिक्षाओं, साधना पद्धतियों और आध्यात्मिक विचारों का सारगर्भित विवेचन है, जो पाठकों को आत्मचिंतन, आध्यात्मिक उन्नति और जीवन के उच्च आदर्शों की ओर प्रेरित करता है। आध्यात्मिक साधकों, योग प्रेमियों, शोधकर्ताओं तथा भारतीय संस्कृति और नाथ संप्रदाय में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए यह एक उपयोगी एवं संग्रहणीय ग्रंथ है।

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