Atharvaveda अथर्ववेद
Atharvaveda is one of the Four vedas that is Rigveda, Samveda, Atharvaved and Yajurveda. This book contains Easy Hindi Translation and Description of Yajurveda. वेद अनन्त है वेदों के ज्ञान का न आदि है और न अन्त-वेदों के सम्पूर्ण ज्ञान को ऋषि वेदव्यास द्वारा प्रकारों में विभाजित किया गया था। महर्षि वेदव्यास जी द्वारा वेद को लिपिबद्ध किया गया है। वेदों को ऋषियों ने सुना और उन्हें “श्रुति” कहा गया, ऋषियों ने मानवजाति एवं सम्पूर्ण संसार के लाभ व कल्याण के लिए इस ज्ञान को साझा किया और अपने शिष्यों को वेदो का ज्ञान सुनाने लगे। पिछले दस हजार वर्षों से अधिक समय में वेदों को मनुष्यों द्वारा सरल भाषा का उपयोग करके लिखा गया है। अथर्ववेद (चतुर्थ) चार वेदों में से चतुर्थवेद अथर्ववेद हैं। अथर्ववेद को ज्ञानकाण्ड, अमृतवेद और आत्मवेद भी कहा जाता है। इसमें आत्म-परमात्मज्ञान के साथ-साथ जीवनोपयोगी ज्ञान का भी भण्डार भरा है। अथर्ववेद का ज्ञान सार-रुप में सरल हिन्दी भाषा में जन-जन के लिए प्रस्तुत है। यजुर्वेद का सरल व महत्वपूर्ण-प्रामाणिक हिन्दी व्याख्या एवं रूपान्तर
Product details
ASIN : B0DFZJWCDB
Publisher : Pustak Sansaar
Publication date : 31 July 2024
Language : Hindi
Print length : 412 pages
Reading age : 15 years and up
Item Weight : 499 g
Dimensions : 75 x 74.97 x 45 cm
Net Quantity : 1.0 Piece
Packer : Pustak Sansaar
Generic Name : Hinduism
Best Sellers Rank: #849,297 in Books
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